KALP SHAH
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उत्तम आरोग्य ही जीवन है

Kalp Shah at 03:52 PM - Jul 18, 2016 ( ) Views: 5,736

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उत्तम आरोग्य ही जीवन है


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Kalp Shah at 02:16 PM - Oct 29, 2016 ( )

👌 धन की परिभाषा 👌

👌जब कोई बेटा या बेटी ये कहे कि मेरे माँ बाप ही मेरे भगवान् है….
ये है “धन”👍

👌जब कोई माँ बाप अपने बच्चों के लिए ये कहे कि ये हमारे कलेजे की कोर हैं….
ये है “धन” 👍

👌शादी के 20 साल बाद भी अगर पति पत्नी एक दूसरे से कहें ।
I Love you…
ये है “धन” 👍

👌कोई सास अपनी बहु के लिए कहे कि ये मेरी बहु नहीं बेटी है और कोई बहु अपनी सास के लिए कहे कि ये मेरी सास नहीं मेरी माँ है……
ये है “धन”👍

👌जिस घर में बड़ो को मान और छोटो को प्यार भरी नज़रो से देखा जाता है……
ये है “धन” 👍

👌जब कोई अतिथि कुछ दिन आपके घर रहने के पशचात् जाते समय दिल से कहे की आपका घर …घर नहीं मंदिर है….
ये है “धन”👍

ऐसी दुआ हैं मेरी कि आपको ऐसे
”परम धन” की प्राप्ति हो।

😄”खुश रहिये ……..

 सदा मुस्कराते रहो 

आपका हर लम्हा मंगलदायक हो

Balya P at 07:02 PM - Oct 16, 2016 ( )

kalp sir 1 thing please, today evening itself, my 1 friend has asked details regarding the medicine for diabetis,

 

VRIKSHA SE NIKALI GOND = 100 GM

Sir, please tell me as my friend has asked me , his wife aged 33 years has got diabetis, it detected before 1 and half month . 

Sir thanks for the remidy, Sir is there any specific VRIKSHA SE NIKALI GOND, or it is the DINK 

 

KALUNJI MEANS  = kale til 

 

is it correct sir please guide 

 

sir if GOND OF NIM KE PED SE YA SHISAM KE PED KA le toh yogya hain kya , aur if nahi hain to ap krupaya suggest kijiye,

dhanyavad sir.

Balya P at 06:40 PM - Oct 16, 2016 ( )

aap sabhi ka bahot hi dhanyawad, yeh bahot hi mahatvapurna aur uapyukta thread hain. you have done a very great job by starting this thread sir. also i thanks different mudraa family members for sharing their pure experience and experienced remidies here, again thanks a lot, .

Naresh Kumar at 05:33 PM - Oct 16, 2016 ( )
अनुभव :– मैं किडनी ट्रांसप्लांट से कैसे बचा ! (बता रहे हैं - श्री ओम प्रकाशजी - फोन नंबर 8097236254 - जिनको यही समस्या 2009 में आई थी.) "How I Avoided Kidney Transplant." जिन लोगो को डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी हो, या डायलसिस चल रहा हो तो उन्हे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के पहले इस दवा का प्रयोग जरूर करके देखना चाहिए | हो सकता है कि ट्रांसप्लांट की नौबत ना आए। बता रहे हैं श्री ओम प्रकाशजी जिनको यही समस्या 2009 में आई थी, और डॉक्टर ने उनको किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए बोल दिया था तो उन्होंने ना ही सिर्फ अपनी किडनी को स्वस्थ किया बल्कि ऐसे अनेक लोगो को भी इसका दम्भ झेलने से बचाया ! आइये जानते हैं, श्री ओम प्रकाशजी से…. किडनी ट्रांसप्लांट करवाना बहुत महंगा हैं ! और कुछ लोग तो ये अफोर्ड नहीं कर सकते, और जो कर भी सकते हैं तो किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पहले जैसा जीवन नहीं बन पाता | मैं 17 अक्टोबर 2009 से किडनी की समस्या से झूझ रहा था | अप्रैल 2012 मे मुंम्बई के नानावाती हॉस्पिटल के डॉक्टर शरद शेठ से ट्रांसप्लांट की बात भी तय हो चुकी थी | लेकिन इसी दरमियान अखिल भारतीय शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के महासचिव डॉक्टर आर बी सिंह से मुलाकात हो गई और उन्होने कहा की यह काढ़ा 15 दिन पीने के बाद अपना फैसला लेना के आपको क्या करना है | मैने उनकी बात मानकर काढ़े का उपयोग किया और एक हफ्ते के बाद चलने फिरने मे सक्षम हो गया तब से में अभी तक पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ | कोई दवा भी नही लेता हूँ और ना ही कोई खाने पीने का परहेज ही करता हूँ, और ना ही किसी प्रकार की कमजोरी महसूस करता हूँ ! तो कौन सा हैं वो काढ़ा ! ? ! ... ... आइये जानते हैं ... काढ़ा बनाने की विधि :- पाव (250 ग्राम) गोखरू कांटा (ये आपको पंसारी से मिल जायेगा) लेकर 4 लीटर पानी मे उबालिए | जब पानी एक लीटर रह जाए तो पानी छानकर एक बोतल मे रख लीजिए और कांटा फेंक दीजिए | इस काढे को सुबह शाम खाली पेट हल्का सा गुनगुना करके 100 ग्राम के करीब पीजिए | शाम को खाली पेट का मतलब है ! दोपहर के भोजन के 5, 6 घंटे के बाद | काढ़ा पीने के एक घंटे के बाद ही कुछ खाइए और अपनी पहले की दवाई ख़ान पान का रूटीन पूर्ववत ही रखिए ! 15 दिन के अंदर यदि आपके अंदर अभूतपूर्व परिवर्तन हो जाए तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा बंद कर दीजिए | जैसे जैसे आपके अंदर सुधार होगा काढे की मात्रा कम कर सकते है या दो बार की बजाए एक बार भी कर सकते है ! मुझे उम्मीद है की ट्रांसप्लांट का विचार त्याग देंगे जैसा मैने किया है ! मेरा ये अनुभव नवभारत टाइम्स में भी छाप चूका हैं! जिसके बाद मुझे बहुत फोन आये और 300-400 लोगो को मैंने ये बताया भी जिसमे से 90 % से ऊपर लोगो को आराम मिला ! अगर आप भी ये प्रयोग करना चाहे तो निश्चिन्त हो कर करिये और अगर ऊपर लिखा हुआ समझ में ना आये या किसी प्रकार की शंका हो तो मुझसे मेरे फोन नंबर 8097236254 पर भी सहायता मांग सकता है ! आपको आराम मिले तो आप दूसरे भाइयो को भी इसी प्रकार बताइये ! हम फालतू की पोस्ट तो बहुत करते है ! किसी को जीवन दे दे ऐसी पोस्ट करे भी और शेयर भी करे क्या पता आपकी वजह से किसी जिंदगी बच जाए !

Naresh Kumar at 05:30 PM - Oct 16, 2016 ( )
[3/17, 16:07] ‪+91 96441 12822‬: किडनी के मरीजों के लिए डाइट चार्ट। Www.Onlyayurved.com/major-disease/kidney/ मैंने अपना अनुभव आप लोगो को बताया के मैं किडनी ट्रांसप्लांट से कैसे बचा, इस प्रयोग को करने के बाद बहुत सारे भाइयो के पॉजिटिव रिजल्ट मिले, कई भाइयो का क्रिएटिनिन और यूरिया की समस्या सही हुयी, उन्होंने अपनी रिपोर्ट्स भी भेजी, और कई भाइयो को थोड़ी बहुत कन्फ्यूज़न थी के किडनी के रोगी क्या खाए और क्या सावधानिया रखे, तो उनके लिए आज आप सब को बता रहे हैं किडनी रोगियों के लिए डाइट चार्ट - ओम प्रकाश सिंह मुंबई। मैने सैकडो किड्नी के रोगियों से बात किया जिससे यह पता चला कि उन्हे क्या खाना चाहिए क्या नही इसके बारे मे उन्हे बताया ही नही गया है इस लिए में अपने 6 साल के अनुभव के आधार पर एक सुन्दर डाइट चार्ट बनकर दे रहा हु फिर भी अपने डॉक्टर और वैद्य को दिखाकर उसमे थोड़ा कम ज्यादा कर सकते है। किडनी के रोग में परहेज किड्नी के रोगी को नमकीन चटपटी खट्टी चीजे तली हुई चीजें बेकरी आइटम जैसे पाव, ब्रेड, बटर, खारी बिस्कुट, नान खटाई, सूप, नारियल पानी, जूस, कोल्ड ड्रिंक सभी प्रकार की दाले, करेला, भिन्डी, बैंगन, टमाटर, शिमला मिर्ची, पत्ते वाली सब्जी जैसे पालक, चौराई, मेथी, फलो का रस, सूखा मेवा, अंकुरित दाल, बेसन, पापड़, आचार, चटनी, फरसन, बेकिंग पाउडर एवं सोडा लेने की मनाही है। किडनी के रोगी के लिए चाय। .अदरक और तुलसी के पत्ते वाली काली चाय मे थोड़ा सा काली मिर्च, सोंठ, दालचीनी, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, तेजपत्ता, अजवायन और लवंग का चूर्ण डालकर बनाए, सुबह शाम 100- 150 ग्राम चाय दे, ध्यान रखे, इसमें चाय पत्ती ना डाले। किडनी के रोगी के लिए नाश्ता। उपमा, पोहा, कुरमुरा दलिया, इडली, सफेद ढोकला, साबुदाना, रवा, साबुदाना खिचड़ी बिना मूँगफली नारियल के। किडनी के रोगी के लिए रोटी किडनी के रोगी के लिए रोटी सूखी होनी चाहिए, मतलब बिना घी, तेल लगाये, मक्का, जवार, बाजारी की हो तो उत्तम, नही तो गेहू थोड़ा मोटा पिसा हुआ ले मैदे या बारीक पिसे आटे की ना बनवाए। किडनी के रोगी के लिए सब्जी : हमेशा दो तरह की सब्जी ले एक जमीन के नीचे होने वाली जैसे आलू सूरन, मूली गजर अरुई बीट शकरकन्द, दूसरी जमीन के उपर वाली लौकी भोपला गोभी पत्ते वाली गोभी फानसबीन सेम सहजन नेनुआ तुरई चिचीन्हा, कूनरू, परवल, रायता आदि। किडनी के रोगी के लिए सलाद ककड़ी, खीरा, गाजर, बीट रूट, पत्ते वाली गोभी, मूली, प्याज लेकिन मूली का सेवन रात्रि मे ना करे। किडनी के रोगी के लिए तेल मसाला: धनिया हल्दी, हरि मिर्च, हींग, अजवाइन, दालचीनी, छोटी इलायची, लवंग, बड़ी इलायची, तेजपत्ता, जीरा, स्याह जीरा और तेल शुद्ध सरसो का तेल परयोग करे। किडनी के रोगी के लिए दूध दही पनीर : गाय का दूध मलाई निकलकर 100 - 150 ग्राम नाश्ते के समय, दही 1 कटोरी दोपहर भोजन के समय और पनीर 30 ग्राम डिनर के साथ ले। किडनी के रोगी के लिए फल: सेब बिना छिलके के, बेर, अमरूद, पपीता और अननास मे से कोई एक फल। किडनी के रोगी के लिए मीठा: 1, 2 रसगुल्ला, श्रीखंड। इनमे जो भी आप खाए वो आप कम मात्रा में ही खाए। [Must Read. अनुभव ओम प्रकाश सिंह - मैं किडनी ट्रांसप्लांट से कैसे बचा।] http://bit.ly/1ZVYQHi [Must Read. किडनी रोग में सावधानिया और परहेज। - ओम प्रकाश सिंह ] http://bit.ly/1OPyhJp [Must Read. किडनी को डैमेज कर देंगी आपकी ये आदते। ] http://bit.ly/1RGJ12i [Must Read. पेशाब रोकने से हो सकती हैं किडनी फेल।] http://bit.ly/1UjZ9Vt ये जानकारियां बहुत ही उपयोगी है और बहुत मुश्किल से इकट्ठी करते हैं, आप बस इतना ही सहयोग करें के इस मैसेज को आगे भेजते रहे। यही मानवता के प्रति आपका सहयोग हैं। धन्यावाद।

Abhijit Muley at 12:25 PM - Oct 16, 2016 ( )
Thnx for starting this thread !

Ahmed Jariwala at 10:44 AM - Oct 16, 2016 ( )

किड़नी रोग मुक्त भारत अभियान👈

please send some contact no of this Dr so it will be help full for others to take benefit .........

Kalp Shah at 02:17 PM - Oct 15, 2016 ( )

🇨🇭ડાયાબિટીસ જડમૂળથી નાશ કરતો અકસીર ઉપાય.

🇨🇭આકડાના લીલા પાનનો પ્રયોગ જાતે જ કરી જૂઓ મિત્રો..

આપ બૂટ-મોજાં, મોજડી, સેન્ડલ હંમેશા પહેરીને ફરો છો......

આપ જો ડાયાબિટીસના દર્દી છો તો, આપના પગના તળિયામાં એક આકડાનું લીલું તાજું પાન મુકીને દરરોજ બૂટ-મોજાં, મોજડી કે સેન્ડલ પહેરો....
..... આપના સુગર લેવલમાં નોંધપાત્ર ઘટાડો જોવા મળશે.

ઉપરાંત આ પ્રયોગથી મેલેરિયા સામે તથા કોઇ પણ તાવ સામે રક્ષણ પણ મળે છે.

ફક્ત સાત દિવસ સુધી અજમાવી જુઓ, અને સારું લાગે તો 40 દિવસ પુરા કરો.
આ પ્રયોગ દરમ્યાન ડાયાબિટીસના દર્દીએ દવા બંધ કરવાની નથી.

આ પ્રયોગ ડાયાબિટીસના તમામ દર્દી ઉપર સફળ રહ્યો છે.

ઉપરાંત આ પ્રયોગથી શારિરીક સ્વાસ્થ્ય પણ સારું રહેશે.
આ પ્રયોગ તમામ ઉંમરના લોકો કરી શકે છે.

અજમાવી જુઓ મિત્રો.

 

♣ સિધ્ધ પ્રયોગ--
સ્રીના ડાબા પગમાં અને પુરુષ ના જમણા પગે રાત્રે 7થી 8 કલાક સુધી આંકડા નું પાન, (સફેદ આંકડો હોય તો સારું) નીચેનો નસ વાળો ભાગ પગના તળિયે અને તે પણ દાંડી નો ભાગ પગના અંગૂઠા તરફ રાખી, તેને બાંધી, મોજું પહેરી લેવું.
આ પ્રયોગ 40 દિવસ લગાતાર કરવો.
એક દિવસ પણ છોડવા નહીં.
40 પાન તાજા હોય તો સારું, ન હોય તો એકસાથે લાવી ફ્રીજમા મૂકી રાખો તો પણ ચાલશે.
ઘણા લોકોએ આ લાભ લઈ, પોતાના અનુભવથી તેમણે કહ્યું છે કે, ડાયાબિટીસ જડમૂળથી નષ્ટ થઈ જાય છે

Kalp Shah at 11:28 AM - Aug 04, 2016 ( )

ब्लड डोनेशन में दूसरों के साथ अपना फायदा भी

💉ब्लड डोनेशन को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट न होने के चलते बहुत से लोगों के मन में ब्लड डोनेशन को लेकर दुविधा बनी रहती है। ब्लड डोनेट करना क्यों जरूरी है और जरूरत पड़ने पर क्या करें, बता रहे हैं मित्र:

क्यों है जरूरी

💉 ब्लड डोनेट कर एक शख्स दूसरे शख्स की जान बचा सकता है।

💉 ब्लड का किसी भी प्रकार से उत्पादन नहीं किया जा सकता और न ही इसका कोई विकल्प है।

💉 देश में हर साल लगभग 250 सीसी की 4 करोड़ यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। सिर्फ 5,00,000 यूनिट ब्लड ही मुहैया हो पाता है।

💉 हमारे शरीर में कुल वजन का 7% हिस्सा खून होता है।

💉 आंकड़ों के मुताबिक 25 प्रतिशत से अधिक लोगों को अपने जीवन में खून की जरूरत पड़ती है।

क्या हैं फायदे

💉 ब्लड डोनेशन से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। डॉक्टर्स का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है, जो कि हृदय के लिए अच्छा होता है।

💉 एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।

💉 ब्लड डोनेट करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है।

💉 ब्लड डोनेशन सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है।

ब्लड डोनेट करने से पहले
💉ब्लड देने से पहले मिनी ब्लड टेस्ट होता है, जिसमें हीमोग्लोबिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर व वजन लिया जाता है। ब्लड डोनेट करने के बाद इसमें हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, सिफलिस व मलेरिया आदि की जांच की जाती है। इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर डोनर का ब्लड न लेकर उसे तुरंत सूचित किया जाता है।

💉 ब्लड की कमी का एकमात्र कारण जागरूकता का अभाव है।

💉 18 साल से अधिक उम्र के स्त्री-पुरुष, जिनका वजन 50 किलोग्राम या अधिक हो, वर्ष में तीन-चार बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं।

💉 ब्लड डोनेट करने योग्य लोगों में से अगर मात्र 3 प्रतिशत भी खून दें तो देश में ब्लड की कमी दूर हो सकती है। ऐसा करने से असमय होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।

💉 ब्लड डोनेट करने से पहले व कुछ घंटे बाद तक धूम्रपान से परहेज करना चाहिए।

💉 ब्लड डोनेट करने वाले शख्स को रक्तदान के 24 से 48 घंटे पहले ड्रिंक नहीं करनी चाहिए।

💉 ब्लड डोनेट करने से पहले पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों के सही व स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

नोट:
ब्लड डोनेट करने के बाद आप पहले की तरह ही कामकाज कर सकते हैं। इससे शरीर में किसी भी तरह की कमी नहीं होती।

💉इस मैसेज को हर आदमी व हर ग्रुप में पहुचाऎ ताकि रक्तदान करने वालो की गलतफहमी दूर हो सके तथा रक्तदान नहीं करने वाले भी ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करके खुद भी स्वस्थ रहे तथा कई लोगों की जान बचा सके|

मौका दीजिये अपने खून को, किसी की रगों में बहने का......

ये लाजवाब तरीका है , कई जिस्मों में ज़िंदा रहने का.......

❣❣❣

💉 ब्लड ग्रुप की तुलना 💉

आपका ब्लड कौनसा है और उसकी उपलब्धता कितनी है?

O+ 1 in 3 37.4%
(प्रचुरता में उपलब्ध)

A+ 1 in 3 35.7%

B+ 1 in 12 8.5%

AB+ 1 in 29 3.4%

O- 1 in 15 6.6%

A- 1 in 16 6.3%

B- 1 in 67 1.5%

AB- 1 in 167 .6%
(दुर्लभ)

Compatible Blood Types

O- ले सकता है O-

O+ ले सकता है O+, O-

A- ले सकता है A-, O-

A+ले सकता है A+, A-,O+,O-

B- ले सकता है B-, O-

B+ ले सकता है B+,B-,O+,O-

AB-ले सकता है AB-,B-,A-,O-

AB+ ले सकता है AB+, AB-, B+, B-, A+, A-, O+, O-

💉ये एक महत्वपूर्ण मेसेज है जो किसी की जिंदगी बचा सकता है ...💉
Donate blood ....

Kalp Shah at 11:27 AM - Aug 04, 2016 ( )

नहाने का 🍁वैज्ञानिक तरीका🌹

अपने स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन के लिये इस पोस्ट को अवश्य पढे और पढ़ायें.

क्या आपने कभी अपने आस पास ध्यान से देखा या सुना है कि नहाते समय बुजुर्ग को लकवा लग गया?

दिमाग की नस फट गई ( ब्रेन हेमरेज), हार्ट अटैक आ गया |

छोटे बच्चे को नहलाते समय वो बहुत कांपता रहता है, डरता है और माता समझती है की नहाने से डर रहा है,

लेकिन ऐसा नहीँ है; असल मे ये सब गलत तरीके से नहाने से होता है ।

दरअसल हमारे शरीर में गुप्त विद्युत् शक्ति रुधिर (खून) के निरंतर प्रवाह के कारण पैदा होते रहती है, जिसकी स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक दिशा ऊपर से आरम्भ होकर नीचे पैरो की तरफ आती है।

सर में बहुत महीन रक्त् नालिकाये होती है जो दिमाग को रक्त पहुँचाती है।

यदि कोई व्यक्ति निरंतर सीधे सर में ठंडा पानी डालकर नहाता है तो ये नलिकाएं सिकुड़ने या रक्त के थक्के जमने लग जाते हैं

और जब शरीर इनको सहन नहीं कर पाता तो ऊपर लिखी घटनाएं वर्षो बीतने के बाद बुजुर्गो के साथ होती है।

सर पर सीधे पानी डालने से हमारा सर ठंडा होने लगता है, जिससे हृदय को सिर की तरफ ज्यादा तेजी से रक्त भेजना पड़ता है, जिससे या तो बुजुर्ग में हार्ट अटैक या दिमाग की नस फटने की अवस्था हो सकती है।

ठीक इसी तरह बच्चे का नियंत्रण तंत्र भी तुरंत प्रतिक्रिया देता है जिससे बच्चे के काम्पने से शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है , और माँ समझती है की बच्चा डर रहा है ।

गलत तरीके से नहाने से बच्चे की हृदय की धड़कन अत्यधिक बढ़ जाती है स्वयं परीक्षण करिये।
.
तो आईये हम आपको नहाने का सबसे सही तरीका बताते है |

बाथरूम में आराम से बैठकर या खड़े होकर सबसे पहले पैर के पंजो पर पानी डालिये , रगड़िये, फिर पिंडलियों पर, फिर घुटनो पर, फिर जांघो पर पानी डालिये और हाथों से मालिश करिये|

फिर हाथो से पानी लेकर पेट को रगड़िये | फिर कंधो पर पानी डालिये, फिर अंजुली में पानी लेकर मुँह पर मलिए | हाथों से पानी लेकर सर पर मलिए।

इसके बाद आप शावर के नीचे खड़े होकर या बाल्टी सर पर उड़ेलकर नहा सकते है।

इस प्रक्रिया में केवल 1 मिनट लगता है लेकिन इससे आपके जीवन की रक्षा होती है। और इस 1 मिनट में शरीर की विद्युत प्राकृतिक दिशा में ऊपर से नीचे ही बहती रहती है क्योंकि विद्युत् को आकर्षित करने वाला पानी सबसे पहले पैरो पर डाला गया है।

बच्चे को इसी तरीके से नहलाने पर वो बिलकुल कांपता डरता नहीं है।

इस प्रक्रिया में शरीर की गर्मी पेशाब के रास्ते बाहर आ जाती है आप कितनी भी सर्दी में नहाये कभी जुखाम बुखार नहीं होगा

Shalini Sharma at 11:44 PM - Aug 03, 2016 ( )

Thanks for sharing kalji,actually many of this is in my WhatsApp group but can't no where it is but bcoz mudras web I can read any time

Kalp Shah at 07:24 PM - Aug 03, 2016 ( )

BHAI AAP KE PAS BHI KOI AISI BAT HO TO JARUR SHARE KARO

KISIKO AGAR KAM AA JAYE TO BHAUT KHUSHI HOGI

SABKO DHANYAVAD 

Rajendra Soni at 06:44 PM - Aug 03, 2016 ( )

                   Good        Jobbbbbb          Sir....

Balya P at 06:15 PM - Aug 03, 2016 ( )

KALP SHAH SIR AAP NE ISE SHARE KARKE BAHOT ACHHA KAM KIYA HAIN SIR. CONGRATS Smile AUR DHANYAVAD.

Kalp Shah at 05:54 PM - Aug 03, 2016 ( )

FRWRDED MSG
दवा मिलने का पता👈
आयुष्मान पॉली क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर
एफ - 115, यशवंत प्लाजा, रेल्वे स्टेशन के सामने, इंदौर
समय - दोपहर 3 से शांम 6 बजे तक
हेल्प लाईन एंव वाट्सएप नम्बर
9826163201

Kalp Shah at 05:54 PM - Aug 03, 2016 ( )

FRWRDED MSG


किड़नी रोग मुक्त भारत अभियान👈

इंदौर शहर के सुप्रसिद्व डॉ. कुशवाह ने लाईलाज किड़नी रोग का अपनी रिसर्च और अनुभवों से बिना किसी दर्द और बिना किसी साइड इफेक्ट के रोग का संपूर्ण निदान खोज निकाला है
इन दवाओं से 15-30 दिनो में रोग का बढ़ना रुकने लगता है और रोगी का क्रियटिनिन कम होने लगता है और कुछ ही माह में किड़नी रोग से ठीक भी हुआ जा सकता है
विशेष अनुरोध पर डॉ. कुशवाह ने किड़नी रोग मुक्त भारत अभियान शुरु किया है
जिसके अंतरगर्त किड़नी रोगियों को डॉ. कुशवाह द्वारा एक माह की 4800₹ वाली मंहगी दवा को भी मात्र 300₹ में उपलब्ध करायी जा रही है जो की किड़नी रोग की मुख्य दवा है
साथ ही बाहर के पेशेंट के लिये स्पीड पोस्ट सुविधा भी दे रहे है

👉 किड़नी रोग के लक्षण👈

1. किड़नी का सिकुड़ना
2. मुंह कड़वा रहना
3. भोजन करते समय उल्टी आना
3. कमर दर्द के साथ वजन घटना
4. थकान व कमजोरी रहना
5. पैरों में बार-बार सूजन आना
6. पैरों में लम्बे समय से सूजन होना
7. पेशाब कम या न बनना
8. पेशाब में एलब्युमिन प्रोट्रीन का जाना
9. क्रियटिनिन का बढ़ना
10. किड़नी फैल्युअर

 

Kalp Shah at 06:09 PM - Aug 02, 2016 ( )

मितरो,
आज हमारी आधुनिक जीवन शैली की तेज रफ्तार एवं भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का विषय बहुत पीछे रह गया है और नतीजा यह निकला की आज हम युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ह्रदय रोग, कोलेस्ट्रोल, मोटापा, गठिया, थायरॉइड जैसे रोगों से पीड़ित होने लगे हैं जो कि पहले प्रोढ़ावस्था एवं व्रद्धावस्था में होते थे और इसकी सबसे बड़ी वजह है खान पान और रहन सहन की गलत आदतें, आओ हम सेहत के इन् नियमों का पालन करके खुद भी स्वस्थ रहे तथा परिवार को भी स्वस्थ रखते हुए अन्य लोगों को भी अच्छे स्वास्थय के लिए जागरूक करें ताकि एक स्वस्थ एवं मजबूत समाज और देश का निर्माण हो,क्योंकि कहा भी गया है-पहला सुख निरोगी काया l

भोजन हो संतुलित- घी,तैल से बनी चीजें जैसे पूड़ी,पराँठे,छोले भठूरे,समोसे कचौड़ी,जंक फ़ूड,चाय,कॉफी ,कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा सेवन सेहत के लिए घातक है इनका अधिक मात्रा में नियमित सेवन ब्लड प्रेशर ,कोलेस्ट्रोल,मधुमेह,मोटापा एवं हार्ट डिजीज का कारण बनता है तथा पेट में गैस,अल्सर,ऐसीडिटी,बार बार दस्त लगना,लीवर ख़राब होना जैसी तकलीफें होने लगती हैं इनकी बजाय खाने में हरी सब्जियां,मौसमी फल,दूध,दही,छाछ,अंकुरित अनाज और सलाद को शामिल करना चाहिए जो की विटामिन,खनिज लवण,फाइबर,एव जीवनीय तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं l

चीनी एवं नमक का अधिक मात्रा में सेवन ना करें,ये डायबिटीज,ब्लड प्रेशर,ह्रदय रोगों का कारण हैं l

बादाम,किशमिश,अंजीर,अखरोट आदि मेवा सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं इनका सेवन अवश्य करें

पानी एवं अन्य लिक्विड जैसे फलों का ताजा जूस,दूध,दही,छाछ,नींबू पानी,नारियल पानी का खूब सेवन करें,इनसे शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाती,शरीर की त्वचा एवं चेहरे पर चमक आती है,तथा शरीर की गंदगी पसीने और पेशाब के दवारा बाहर निकल जाती है l


 

व्यायाम का करें नियमित अभ्यास– सूर्योदय से पहले उठकर पार्क जाएं,हरी घास पर नंगे पैर घूमें,दौड़ लगाएं,वाक करें,योगा,प्राणायाम करें,इन उपायों से शरीर से पसीना निकलता है,माँस पेशियों को ताकत मिलती है,शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है,अनेक शारीरिक एवं मानसिक रोगों से बचाव होता है,पूरे दिन भर बदन में चुस्ती फुर्ती रहती है,भूख अच्छी लगती है इसलिए नियमित रूप से व्यायाम अवश्य करें l

गहरी नींद भी है जरुरी -शरीर एवं मन को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 7 घंटे की गहरी नींद एक वयस्क के लिए जरुरी है,लगातार नींद पूरी ना होना तथा बार बार नींद खुलना,अनेक बीमारियों का कारण बनता हैl

अच्छी नींद के लिए ये उपाय करें- सोने का कमरा साफ सुथरा,शांत एवं एकांत में होना चाहिए,रात को अधिकतम 10-11 बजे तक सो जाना और सुबह 5-6 बजे तक उठ जाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है,सोने से पहले शवासन करने से अच्छी नींद आती है,खाना सोने से 2-3 घंटे पहले कर लेना चाहिए एवं शाम को खाना खाने के बाद 20-25 मिनट अवश्य घूमें l


टेंशन को कहें बाय बाय – रोज मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्यों के लिए चिंतन करना सही है चिंता करना नहीं,चिता तो फिर भी मरने के बाद शरीर को जलाती है किन्तु लगातार अनावश्यक चिंता जीते जी शरीर को जला देती है इसलिए तनाव होने पर भाई,बंधू एवं विश्वास पात्र मित्रों से सलाह मश्वरा करें यदि समस्या फिर भी ना सुलझे तो विशेषज्ञ से राय लें l

नशे से रहें बच के- यूवा पीढ़ी के लिए कोई सबसे खतरनाक बीमारी है तो वो है नशे के जाल में फँसना,शराब,धूम्रपान,तम्बाकू ये सब सेहत के दुश्मन हैं,किसी भी स्थिति में नशे की लत से बचें,यदि नशे से बचे हुए हैं तो बहुत अच्छा किन्तु,यदि कोई नशा करते हैं तो जितनी जल्दी नशे से दुरी बना लें उतना ही अच्छा है,ये ऐसी बीमारी है जो कैंसर और एड्स से भी ज्यादा खतरनाक है और एकसाथ कई परिवारों को बर्बाद करती है तथा शारीरिक,मानसिक,आर्थिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा के नाश का कारण बनती है,इसलिए नशे से बचना ही बेहतर उपाय है l

स्वास्थय के ऊपर बताये हुए नियमों का पालन अवश्य करें क्योकि कहा भी गया है- हैल्थ इज वैल्थ l

 

Kalp Shah at 06:08 PM - Aug 02, 2016 ( )

आजकल बरसात की Season चल रही है ये Season हमारे जीवन के लिए जितना उपयोगी है उतना ही हमारे कुछ असावधानी से इस Season मे Health से Related कई Samasyaye भी uttpann हो जाती हैं, unhi मे से एक डेंगू की बिमारी है जो, आमतौर पर बरसात की Season मे होने की Chance बढ जाती है, आज हमलोग इसी बिमारी के कारण, लक्षण, बचाव व उपचार पर चचाॆ करेगे डेंगू (Dengue) के बारे में इस समय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं समाचार-पत्र आदि में काफी सुनने व पढने को मिल रहा है। इस समय यह रोग भयानक रूप से फैलता हुआ दिखाई दे रहा है।

एक मच्छर…

डेंगू दुनिया भर में पाया जाने वाला एक खतरनाक वायरल रोग है जो की संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। अकेला एक संक्रमित मच्छर ही अनेक लोगों को डेंगू रोग से ग्रसित कर सकता है।

डेंगू के लक्षण (Symptoms of Dengue

तेज बुखार,
मांस पेशियों एवं जोड़ों में भयंकर दर्द,
सर दर्द,
आखों के पीछे दर्द,
जी मिचलाना,
उल्टी
दस्त तथा
त्वचा पर लाल रंग के दाने
इत्यादि
मरीज की स्थिति गम्भीर होने पर प्लेट लेट्स (platelets) की संख्या तेजी से कम होते हुए नाक, कान, मुँह या अन्य अंगों से रक्त स्राव शुरू हो जाता है, रक्त चाप काफी कम हो जाता है। यदि समय पर उचित चिकित्सा ना मिले तो रोगी कोमा में चला जाता है।

उपरोक्त लक्षणों के सम्बन्ध में यह बात ध्यान रखने योग्य है कि बहुत से अन्य रोगों एवं अन्य बुखार आदि के लक्षण भी डेंगू से मिलते जुलते हो सकते हैं और कभी कभी रोगी में बुखार के साथ सिर्फ 1 – 2 लक्षण होने पर भी डेंगू पॉजिटिव आ सकता है। इसलिए सभी लक्षणों के प्रकट होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। यदि बुखार 1 – 2 दिन में ठीक ना हो तो तुरन्त डॉक्टर के पास जाकर चेक-अप करवाना चाहिए क्योंकि कोई भी बुखार डेंगू हो सकता है।

डेंगू से बचाव एवं उपचार (Prevention & Treatment of Dengue

घर में एवं घर के आसपास पानी एकत्र ना होने दें, साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
यदि घर में बर्तनों आदि में पानी भर कर रखना है तो ढक कर रखें। यदि जरुरत ना हो तो बर्तन खाली कर के या उल्टा कर के रख दें।
कूलर, गमले आदि का पानी रोज बदलते रहें। यदि पानी की जरूरत ना हो तो कूलर आदि को खाली करके सुखायें।


ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर के अधिकतम हिस्से को ढक सकें।
मच्छर रोधी क्रीम, स्प्रे, लिक्विड, इलेक्ट्रॉनिक बैट आदि का प्रयोग मच्छरों के बचाव हेतु करें।
डेंगू से बचने के आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक तरीके Ayurvedic and Natural Treatment for Dengue

घर की खिड़की आदि में तुलसी का पौधा लगाने से मच्छरों से बचाव होता है।
नीम की सुखी पत्तियों एवं कर्पूर की घर में धूणी करने से मच्छर मर जाते हैं या कोने एवं पर्दों आदि के पीछे छिपे हुए मच्छर घर के बाहर भाग जाते हैं।
नीम, तुलसी,गिलोय ,पिप्पली , पपीते की पत्तियों का रस, गेंहू के ज्वारों का रस, आँवला व ग्वारपाठे का रस डेंगू से बचाव में बहुत उपयोगी है। इनसे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढती है तथा डेंगू के वायरस से मुकाबला करने की ताकत आती है।
25 ग्राम ताजी गिलोय का तना लेकर कूट लें , 4 – 5 तुलसी के पत्ते एवं 2 – 3 काली मिर्च पीसकर 1 लीटर पानी में उबालें। 250 M.L. शेष रखें , इसे तीन बार में बराबर मात्रा में विभक्त करके लें। यह काढ़ा डेंगू, स्वाइन फ्लू एवं चिकन गुनिया जैसे वायरल इन्फेक्शन से बचाने में बहुत उपयोगी है।
याद रखें डेंगू की कोई विशिष्ट चिकित्सा अभी तक उपलब्ध नहीं है। सिर्फ लाक्षणिक चिकित्सा ही की जाती है। बुखार कैसा भी हो इन दिनों में यदि जल्दी आराम ना मिले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए और मच्छरों से बचाव एवं शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढायें। यही डेंगू से बचने का सर्वोत्तम उपाय है।

 

Kalp Shah at 11:40 AM - Jul 19, 2016 ( )

- 20 वर्षों से डायबिटीज झेल रहीं 65 वर्षीय महिला जो दिन में दो बार इन्सुलिन लेने को विवश थीं, आज इस रोग से पूर्णतः मुक्त होकर सामान्य सम्पूर्ण आहार ले रही हैं | जी हाँ मिठाई भी ।।
--डाक्टरों ने उस महिला को इन्सुलिन और अन्य ब्लड शुगर कंट्रोल करने वाली दवाइयां भी बंद करने की सलाह दी है ।
और एक ख़ास बात । चूंकि केवल दो सप्ताह चलने वाला यह उपचार पूर्णतः प्राकृतिक तत्वों से घर में ही निर्मित होगा, अतः इसके कोई दुष्प्रभाव होने की रत्ती भर भी संभावना नहीं है ।
--मुम्बई के किडनी विशेषज्ञ डा. टोनी अलमैदा ने दृढ़ता और धैर्य के साथ इस औषधि के व्यापक प्रयोग किये हैं तथा इसे आश्चर्यजनक माना है ।
अतः आग्रह है कि इस उपयोगी उपचार को अधिक से अधिक प्रचारित करें, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें |
देखिये कितना आसान है इस औषधि को घर में ही निर्मित करना |
आवश्यक वस्तुएं–
> 1 – गेंहू 100 gm.
> 2 – वृक्ष से निकली गोंद 100 gm.
> 3 - जौ 100 gm.
> 4 - कलुन्जी 100 gm.
--( निर्माण विधि )
उपरोक्त सभी सामग्री को ५ कप पानी में रखें । आग पर इन्हें १० मिनट उबालें । इसे स्वयं ठंडा होने दें । ठंडा होने पर इसे छानकर पानी को किसी बोतल या जग में सुरक्षित रख दें ।
--( उपयोग विधि )
सात दिन तक एक छोटा कप पानी प्रतिदिन सुबह खाली पेट लेना ।
अगले सप्ताह एक दिन छोड़कर इसी प्रकार सुबह खाली पेट पानी लेना । मात्र दो सप्ताह के इस प्रयोग के बाद आश्चर्यजनक रूप से आप पायेंगे कि आप सामान्य हो चुके हैं ...और बिना किसी समस्या के अपना नियमित सामान्य भोजन ले सकते हैं ।
जिस किसी के पेरेंट्स को प्रॉब्लम हो उपयोग करे और आगे फॉरवर्ड करे साभार

Kalp Shah at 03:56 PM - Jul 18, 2016 ( )

थाइरॉइड का सफल प्रयोग - संजीवनी हैल्थ केर🍀
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🍀 थाइरॉइड को साइलेंट किलर माना जाता है - क्योंकि इस डिजीज के लक्षण बहुत धीरे - धीरे पता चलते हैं ! दरअसल - थाइरॉइड हमारी बॉडी में पाई जाने वाली एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है !


🍀 गले में मौजूद तितली जैसे आकार वाली यह ग्लैंड थायरॉक्सिन हॉर्मोन बनाती है जो हमारी बॉडी की ऊर्जा खर्च करने की क्षमता और कई
फंगशन्स पर असर डालता है !


थाइरोइड के घरेलू उपाय ~ जरूर आजमायें

संजीवनी हैल्थकेर उपाय 01
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काली मिर्च से वजन और हाइपो - थायरॉयड दोनो सभांले

🍀 पिपेराईन - एक खास रसायन है जो काली मिर्च में खूब पाया जाता है
कमाल का फ़ैट बर्नर है.


🍀 अक्सर महिलाओं में थायरॉक्सिन लेवल कम होने से तेजी से वजन बढ़ता है - पेपेराईन इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है


जिन्हें हाईपोथायरॉइड की समस्या है - सिर्फ 7 काली मिर्च कुचलकर 15 दिनों तक रोज सुबह एक बार - एक साथ खा लें
सकारात्मक परिणाम आना तय है


संजीवनी हैल्थ केर उपाय २
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🍀 25 ग्राम शुद्ध दालचीनीलें यह जितनी तीखी हो उतना अच्छा रहेगा

इसे पीस चूर्ण बना एक चुटकीचूर्ण प्याज रस में मिला सेवन करें
यह प्रयोग बासी मुंह 21 दिन करें


🍀 21 दिन सेवन से थाइरोइड सामान्य हो जाएगा - फिर कभी नहीं बढ़ेगा

🍀 03 महीने बाद में प्रयोग दोहराइए - अचूक लाभ होगा


🍀 जिसने लग्न व विश्वास से कर लिया ..... जिन्दगी भर दवा खाने से बच गया


संजीवनी हैल्थ केर उपाय ३
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👉🏻 अगर किसीको थाईराईड से मुक्ति पानी है तो अपनाऐ रसाहार थैरापी , मड थैरापी , आैषध प्रयोग से १००% सफल ईलाज कीया जा सकता है


🍀 संजीवनी हाईपर थाईरोडीजम का ईलाज 🍀
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🍀 उपाय १ 🍀

🍀 हाईपर थाईरोडीजम मे अगर ग्रीन टी का प्रयोग दिन मे ४ बार २-२ कप लीया जाऐ ४-६ महिने मे तो थाईरोड से मुक्ति मिल सकती है.


🍀 रोज रात को २ कप लौकी का रस मे २ चमच अदरकका रस डालकर रोज रात को सोने से १ धंटे पहले ले.

🍀 हमारा बताया हुवा धनिया १ चमच + सौंफ १ चमच + जीरा १ चमच लेकर सुबह ३ ग्लास पानी मे उबाले. जब १ ग्लास पानी बचे तब छानकर सुबह पीले ३० मिनिट तक कुछ भी ना खाऐ.

🍀 रोज सुबह सहजन की फली ( ड्रम स्टिक ) २० ग्राम लेकर २ ग्लास पानी मे उबाले जब आधा बचे तब ठंडा होनेपर छानकर पीऐ. सुबह


अधिक जानकारि के लिऐ

डॉ.प्रयाग डाभी संजीवनी हैल्थ केर
9033744381

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SKIPPER LIMITED 46.55 6.20 (15.37%)
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